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Rajasthan 4th Grade Cut Off Marks: news (Gen, OBC, SC, ST, EWS, MBC)

"चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बिग अपडेट"

"चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बिग अपडेट" नामक विषय पर केंद्रित है, शैक्षिक और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हैं। चैनल पर सोच-समझकर और सटीक जानकारी प्रदान की जाती है। मुख्य रूप से, यह अपडेट 15,000 से 20,000 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया से संबंधित है,
जिसका परिणाम 15 जनवरी, 2026 के आसपास जारी होने की उम्मीद है। वक्ता के अनुसार, यदि प्रक्रियाएँ सुचारू रूप से चलती हैं,
तो सफल उम्मीदवारों को अप्रैल तक जॉइनिंग मिल सकती है। एक महत्वपूर्ण बात यह बताई गई है कि पदों की संख्या बढ़ने के कारण कट-ऑफ अंकों में 10 से 15 अंकों तक की भारी गिरावट आने की संभावना है, जिससे आरक्षित और अनारक्षित श्रेणियों के कई उम्मीदवारों को लाभ होगा।
17 अक्टूबर 2025 को राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने चतुर्थ श्रेणी भर्ती परीक्षा 2025 की उत्तर कुंजी अपनी आधिकारिक वेबसाइट https://rssb.rajasthan.gov.in पर जारी कर दी है|
ऑफिशियल आंसर की (Official Answer Key) जारी होने के बाद लाखों उम्मीदवारों के बीच एक ही सवाल गूंज रहा है;
कट-ऑफ कितनी जाएगी?
जो छात्र पहले 90+ प्रश्नों का दावा कर रहे थे,
वे भी अब 5 से 10 प्रश्नों की गिरावट देख रहे हैं।
नए समीकरणों के आधार पर कट-ऑफ कितने अंक/प्रश्न तक जा सकती है|
इस ब्लॉग पोस्ट में, हम श्रेणी-वार (Category-wise) विश्लेषण करेंगे कि
Rajasthan 4th Grade Exam 2025 Cut Off Marks Analysis: सबसे पहले समझते हैं, परीक्षा पैटर्न को-
कट-ऑफ का सटीक विश्लेषण करने से पहले, यह समझना सबसे ज़रूरी है कि परीक्षा का पैटर्न क्या था? कट-ऑफ हमेशा पेपर के स्ट्रक्चर, कठिनाई स्तर और मार्किंग स्कीम पर निर्भर करती है|
कुल समय: 2 घंटे (120 मिनट)
परीक्षा का प्रकार: प्रश्न पत्र वस्तुनिष्ठ (Objective Type-MCQ) था।
परीक्षा का स्तर: प्रश्न पत्र का स्तर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 10वीं के अनुरूप था।
कुल प्रश्न: 120
कुल अंक: 200 (इसका मतलब है कि प्रत्येक प्रश्न 1.66 अंक का था)
आंसर की आने के बाद, कट-ऑफ का पूरा खेल क्यों बदला?
इससे पहले कि हम कट-ऑफ के आंकड़ों पर जाएं, यह समझना जरूरी है कि आखिर आंसर की आने के बाद ऐसा क्या हुआ कि सारे अनुमान बदल गए:
1/3 नेगेटिव मार्किंग ने सबके नंबर घटा दिए :-
लगभग हर छात्र के स्कोर में 5 से 10 प्रश्नों तक की भारी गिरावट आई है। जो कट-ऑफ 85-90 जाने की उम्मीद थी, वह अब काफी नीचे आ गई है।
“Master Answey Key” का चक्रव्यूह:
कई छात्र अभी भी “मास्टर प्रश्न पत्र” से अपने उत्तरों का सही मिलान नहीं कर पाए हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है। सही मिलान करने पर स्कोर और भी कम हो सकता है।
अन्य भर्तियों का प्रभाव:–
यह एक महत्वपूर्ण फैक्टर है। इस भर्ती का फाइनल रिजल्ट आने से पहले कई अन्य बड़ी भर्तियों (जैसे SI, पटवारी,2nd Grade, 1st Grade आदि) के परिणाम आ जाएंगे। जो टॉपर इन परीक्षाओं में चयनित होंगे, वे यहाँ एक सीट खाली कर देंगे, जिससे कट-ऑफ अपने आप नीचे आ जाएगी।

आपका प्रश्न चतुर्थ श्रेणी अपडेट के बारे में चर्चा करने का है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की बिग अपडेट (बड़ी जानकारी) से संबंधित कई महत्वपूर्ण विवरण दिए गए हैं:
1. पदों की संख्या और प्रोसेसिंग (Number of Posts and Processing)
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती में 15 से 20,000 पद भरने की प्रोसेसिंग प्रक्रिया चल रही है।
यह भी बताया गया है कि इनमें जो पोस्ट/पद हैं, वह पक्के बढ़ेंगे। पदों के बढ़ने से बहुत लोगों को फायदा मिलेगा। यह वृद्धि, जो 15 से 20 हजार पदों की होगी, बहुत मायने रखती है।
2. परिणाम (रिजल्ट) और जॉइनिंग की तिथियां (Result and Joining Dates)
• रिजल्ट की जानकारी: रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया प्रोसेसिंग चल रही है। 15 जनवरी तक रिजल्ट जारी करने की पूरी प्रक्रिया चल रही है। हालांकि, इसमें 5-10 दिन का आगे-पीछे होना संभव है। जहां तक संभव है, 15 जनवरी 2026 तक रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा।
• जॉइनिंग की जानकारी: यदि रिजल्ट 15 जनवरी तक आ जाता है, तो आगे की प्रोसेसिंग फरवरी के अंत तक या 15 मार्च तक पूरी हो सकती है। वक्ता का मानना है कि उम्मीदवारों को अप्रैल में जॉइनिंग मिल सकती है। यदि प्रोसेसिंग जल्दी हो जाती है, तो जॉइनिंग मार्च के अंत में भी मिल सकती है।
यह भी उल्लेख किया गया है कि आजकल राजस्थान में परीक्षाएँ जल्दी हो रही हैं, सिलेबस जल्दी जारी हो रहा है, रिजल्ट जल्दी आ रहा है, और जॉइनिंग भी इसी के मुताबिक जल्दी दी जा रही है, यानी काम तेज गति से होने लगे हैं।
3. कट ऑफ पर प्रभाव (Impact on Cut Off)
पद बढ़ने से कट ऑफ पर बहुत अधिक फर्क आएगा।
• विभिन्न श्रेणियों (जैसे जनरल, ओबीसी, एससी, एसटी, दिव्यांगजन, एक्स-सर्विसमैन, ईडब्ल्यूएस, एमबीसी) के उम्मीदवारों ने पहले जितने मार्क्स या प्रतिशत पर पास होने का आकलन किया था, पद बढ़ने से वह बदल जाएगा।
• पद बढ़ने के कारण कट ऑफ अपने आप नीचे जाएगी।
• हर कैटेगरी में कट ऑफ में करीबन 10 से 15 नंबर का फर्क आ जाएगा।
• जो उम्मीदवार पास होने के कगार पर थे या बॉर्डर पर थे, वे भी सफल हो जाएंगे।
4. उम्मीदवारों के लिए संदेश (Message for Aspirants)
उम्मीदवारों को धैर्य, हिम्मत, और हौसला बनाए रखने की सलाह दी गई है।
अगर उन्होंने तैयारी की है और उनका पेपर अच्छा हुआ है, तो रिजल्ट भी अच्छा आएगा। वक्ता उम्मीद करते हैं कि कई सालों से तैयारी कर रहे उम्मीदवारों का चयन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी में हो।
यह पूरी जानकारी इस YouTube चैनल पर सही और सटीक देने का प्रयास किया गया है, जिसके लिए पूरा सोच-समझकर और विचार करके वीडियो बनाया गया है।
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पदों की वृद्धि.
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की भर्ती प्रक्रिया के संदर्भ में पदों की वृद्धि (Increase in Posts/Vacancies) एक महत्वपूर्ण अद्यतन (बिग अपडेट) है जिसका उल्लेख स्रोतों में किया गया है।
पदों की वृद्धि से संबंधित मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. पदों में निश्चित वृद्धि:
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती में पोस्ट या पद पक्के बढ़ेंगे। यह वृद्धि उन लोगों के लिए एक बड़ा लाभ लाएगी जिन्होंने परीक्षा दी है।
2. भर्ती की वर्तमान स्थिति और संभावित वृद्धि: वर्तमान में, 15 से 20,000 पद भरने की प्रोसेसिंग प्रक्रिया चल रही है। यह माना जा रहा है कि लगभग 15 से 20,000 पद बढ़ेंगे (15 20 से चार पद बढ़ेंगे), जो बहुत मायने रखते हैं।
3. कट ऑफ पर प्रभाव:
पदों की संख्या बढ़ने का सबसे बड़ा और सीधा प्रभाव कट ऑफ पर पड़ेगा। जब पद बढ़ेंगे, तो कट ऑफ अपने आप नीचे जाएगी।
4. कट ऑफ में अनुमानित अंतर:
पद बढ़ने के कारण कट ऑफ में बहुत बड़ा फर्क आने का अनुमान है। माना जा रहा है कि हर कैटेगरी में करीबन 10 से 15 नंबर का फर्क (अंतर) आ सकता है।
5. उम्मीदवारों को लाभ:
पदों की वृद्धि से उन सभी उम्मीदवारों को फायदा होगा, जिन्होंने पहले कट ऑफ का आकलन ज्यादा मान रखा था।
◦ कट ऑफ नीचे जाने से वे उम्मीदवार जो पास होने के बॉर्डर पर थे या किनारे पर थे, वे भी सफल हो जाएंगे।
◦ पद बढ़ने से पहले किए गए मार्क्स और कट ऑफ के आकलन में बदलाव आएगा, और जो लोग बॉर्डरलाइन पर थे वे पास हो जाएंगे।
संक्षेप में, यह पदों की वृद्धि उन उम्मीदवारों के लिए हौसला बढ़ाने वाली जानकारी है जिन्होंने विभिन्न श्रेणियों (जैसे जनरल, ओबीसी, एससी, एसटी, दिव्यांगजन, एक्स सर्विसमैन, ईडब्ल्यूएस, एमबीसी) के तहत तैयारी की थी।
इस स्थिति को समझने के लिए, पदों की वृद्धि को एक परीक्षा में आवश्यक न्यूनतम स्कोर (कट ऑफ) को नीचे लाने वाले कारक के रूप में देखा जा सकता है।
यह ठीक वैसा ही है जैसे एक पानी के टैंक में पानी का स्तर (चयनित उम्मीदवारों की संख्या) बढ़ाने पर, बाहर निकलने वाले पाइप (कट ऑफ) को और नीचे खिसकाया जा रहा हो,
जिससे अधिक लोग उस पाइप तक पहुंच सकें और सफल हो सकें।
घोषित पद वृद्धि से उम्मीदवारों के चयन और कटऑफ अंकों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
घोषित पद वृद्धि से उम्मीदवारों के चयन और कटऑफ अंकों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती में पद बढ़ने की पूरी संभावना है। यह पद वृद्धि बहुत से लोगों को लाभ (फायदा) पहुंचाएगी। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इन भर्तियों में 15,000 से 20,000 पद भरने की प्रोसेसिंग प्रक्रिया चल रही है।
पद वृद्धि का उम्मीदवारों के चयन और कटऑफ अंकों पर पड़ने वाला प्रभाव निम्नलिखित है:
1. कटऑफ अंकों पर प्रभाव
• पद बढ़ने के कारण कट ऑफ में बहुत बड़ा फर्क आ जाएगा।
• कट ऑफ अपने आप नीचे जाएगी।
• यह अनुमान लगाया गया है कि हर कैटेगरी में कट ऑफ में करीबन 10 से 15 नंबर का फर्क (अंतर) आ जाएगा।
• यह फर्क इसलिए आएगा क्योंकि 15-20 हजार पद बढ़ने से यह संख्या बहुत मायने रखती है।
2. उम्मीदवारों के चयन पर प्रभाव
• पद बढ़ने से उन उम्मीदवारों को भी मौका मिल जाएगा जो पहले पास होने के करीब थे या जो बॉर्डर पर थे।
• जो उम्मीदवार पास होने की कगार पर थे (यानी बॉर्डर पर, किनारे पर थे), वे भी सफल हो जाएंगे।
• इस पद वृद्धि से जनरल, ओबीसी, एससी, एसटी, दिव्यांगजन, एक्स सर्विसमैन, ईडब्ल्यूएस, और एमबीसी जैसी अलग-अलग श्रेणियों में उम्मीदवारों को लाभ मिलेगा।
संक्षेप में, जैसे ही पद बढ़ेंगे, कट ऑफ नीचे चली जाएगी, जिससे उन उम्मीदवारों के लिए चयन के अवसर बढ़ जाएंगे जिनके अंक पहले पास होने की न्यूनतम सीमा (बॉर्डर) पर थे।
Discuss कटऑफ में कमी.
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती से संबंधित कट ऑफ में कमी की चर्चा स्रोतों में दिए गए पदों की संख्या में वृद्धि के संदर्भ में की गई है।
कट ऑफ में कमी की मुख्य वजह और उसके प्रभाव निम्नलिखित हैं:
1. कट ऑफ में कमी का कारण (Reason for Cut-off Reduction)
स्रोतों के अनुसार, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती में जो पोस्ट/पद हैं, वह पक्के बढ़ेंगे। वर्तमान में 15 से 20,000 पद भरने की प्रोसेसिंग प्रक्रिया चल रही है।
चूंकि 15 से 20 हजार पद बढ़ेंगे, यह संख्या बहुत मायने रखती है।
2. कट ऑफ पर प्रभाव और अनुमानित अंतर (Impact and Estimated Difference)
• बड़ा फर्क: पद बढ़ने से कट ऑफ पर बहुत फर्क आ जाएगा। यह वृद्धि बहुत लोगों को फायदा पहुंचाएगी।
• अंकों का अंतर: कट ऑफ में करीबन 10 से 15 नंबर का फर्क आ जाएगा। यह फर्क हर कैटेगरी में देखने को मिलेगा।
• स्वचालित कमी: पद बढ़ने के कारण, कट ऑफ अपने आप नीचे जाएगी।
3. लाभान्वित उम्मीदवार (Benefited Candidates)
पद बढ़ने से कट ऑफ नीचे आने के कारण उन उम्मीदवारों को विशेष लाभ मिलेगा जिन्होंने पहले कम मार्क्स का आकलन किया था।
• वे उम्मीदवार जो पास होने के कगार पर थे।
• वे उम्मीदवार जो पास होने की बॉर्डर पे थे या किनारे पर थे, वे भी सफल (हो जाएंगे)।
विभिन्न श्रेणियों, जैसे जनरल, ओबीसी, एससी, एसटी, दिव्यांगजन, एक्स-सर्विसमैन, ईडब्ल्यूएस, और एमबीसी कैटेगरी के उम्मीदवारों ने पहले जितने मार्क्स या प्रतिशत पर पास होने का आकलन किया था, पद बढ़ने से वह आकलन बदल जाएगा।
कट ऑफ में इस कमी को इस प्रकार समझा जा सकता है जैसे यदि एक सीमित क्षमता वाली ट्रेन (पद) में अचानक कोच (पद) बढ़ा दिए जाएं; भले ही प्रतिस्पर्धा (उम्मीदवारों की संख्या) उतनी ही रहे, सीट (चयन) मिलने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे आखिरी सीट पाने वाले व्यक्ति का न्यूनतम स्कोर (कट ऑफ) नीचे आ जाता है।
Discuss ज्वाइनिंग प्रक्रिया.
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती में जॉइनिंग प्रक्रिया के संबंध में स्रोतों में विस्तृत समयरेखा और प्रक्रिया की जानकारी दी गई है। यह प्रक्रिया रिजल्ट जारी होने के बाद शुरू होती है।
1. रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया (Result Release Process)
जॉइनिंग से पहले का सबसे महत्वपूर्ण चरण रिजल्ट जारी होना है।
• वर्तमान में, रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया प्रोसेसिंग चल रही है।
• 15 जनवरी तक रिजल्ट जारी करने की पूरी प्रक्रिया चल रही है।
• हालांकि, इसमें 5 से 10 दिन का आगे-पीछे होना संभव है।
• जहां तक संभव है, 15 जनवरी 2026 तक रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा।
2. रिजल्ट के बाद की प्रोसेसिंग (Post-Result Processing)
रिजल्ट जारी होने के तुरंत बाद जॉइनिंग की प्रक्रिया शुरू नहीं होती, बल्कि आगे की प्रोसेसिंग शुरू होती है:
• यदि रिजल्ट 15 जनवरी तक आ जाता है, तो इसके बाद प्रोसेसिंग और चलती है।
• यह प्रोसेसिंग फरवरी के एंड तक पूरी हो सकती है, या इसे 15 मार्च तक माना जा सकता है।
3. जॉइनिंग की संभावित तिथियाँ (Likely Joining Dates)
उपरोक्त प्रोसेसिंग पूरी होने के बाद उम्मीदवारों को जॉइनिंग दी जाएगी:
• वक्ता के अनुमान के अनुसार, उम्मीदवारों को अप्रैल में जॉइनिंग मिल सकती है।
• यदि प्रोसेसिंग जल्दी हो जाती है, तो जॉइनिंग मार्च के एंड में भी मिल सकती है।
4. कार्य की गति (Speed of Work)
जॉइनिंग की प्रक्रिया की गति के संबंध में एक सकारात्मक अवलोकन दिया गया है:
• आजकल राजस्थान में काम तेज गति से होने लगे हैं।
• परीक्षाएं जल्दी लग रही हैं, सिलेबस जल्दी जारी किया जा रहा है, रिजल्ट जल्दी आ रहा है, और जॉइनिंग भी इसी के मुताबिक जल्दी दी जा रही है। इस प्रकार, जॉइनिंग प्रक्रिया की शुरुआत 15 जनवरी 2026 तक रिजल्ट जारी होने पर निर्भर करती है, जिसके बाद प्रोसेसिंग को देखते हुए जॉइनिंग मार्च के अंत या अप्रैल तक होने की संभावना है।
पद वृद्धि से कट ऑफ में अपेक्षित परिवर्तन समझाएँ।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती में पद वृद्धि (पदों की संख्या में बढ़ोतरी) से कट ऑफ अंकों में अपेक्षित परिवर्तन निम्नलिखित हैं, जैसा कि स्रोतों में बताया गया है:
1. पद वृद्धि का कारण और संख्या
• चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती में जो पोस्ट या पद हैं, वह पक्के बढ़ेंगे।
• वर्तमान में 15 से 20,000 पद भरने की प्रोसेसिंग प्रक्रिया चल रही है। • यह अनुमान है कि लगभग 15 से 20 हजार पद बढ़ेंगे, जो बहुत मायने रखते हैं।
2. कट ऑफ में अपेक्षित परिवर्तन की दिशा
पद बढ़ने से कट ऑफ पर बहुत फर्क आ जाएगा। पदों की संख्या बढ़ने के कारण, कट ऑफ अपने आप नीचे जाएगी।

3. अंकों में अपेक्षित कमी (Magnitude of Reduction)

• कट ऑफ में अंकों का करीबन 10 से 15 नंबर का फर्क आ जाएगा।
• यह फर्क या अंतर हर कैटेगरी में आएगा।
4. उम्मीदवारों के चयन पर परिणाम
कट ऑफ नीचे जाने का सीधा फायदा उन उम्मीदवारों को मिलेगा जिन्होंने पहले कट ऑफ का आकलन ज्यादा मान रखा था।
• पद बढ़ने से उन उम्मीदवारों का चयन हो जाएगा जो पहले पास होने के कगार पर थे।
• यानी, जो उम्मीदवार एक तरह से बॉर्डर पे थे या किनारे पर थे, वे भी सफल हो जाएंगे।
• यह लाभ विभिन्न श्रेणियों, जैसे जनरल, ओबीसी, एससी, एसटी, दिव्यांगजन, एक्स-सर्विसमैन, ईडब्ल्यूएस, और एमबीसी कैटेगरी के उम्मीदवारों को मिलेगा।
संक्षेप में, 15 से 20 हजार पदों की वृद्धि के कारण कट ऑफ में 10 से 15 अंकों की कमी आने की उम्मीद है, जिससे बॉर्डरलाइन पर स्थित कई उम्मीदवारों को चयन का अवसर मिल जाएगा।
जॉइनिंग की समयरेखा निर्धारित करने वाले कारकों का विश्लेषण करें।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती के संदर्भ में जॉइनिंग की समयरेखा मुख्य रूप से तीन प्रमुख कारकों पर निर्भर करती है, जिनका विश्लेषण स्रोतों के आधार पर निम्नलिखित है:

  • परिणाम (रिजल्ट) जारी होने की तिथि
  • परिणाम के बाद की आंतरिक प्रोसेसिंग की अवधि
  • प्रशासनिक कार्य की गति (स्पीड)
  • संभावित विलंब:
  • लक्ष्य तिथि:
  • तेज गति का प्रभाव:
  • जॉइनिंग पर प्रभाव:

जॉइनिंग प्रक्रिया की समयरेखा निर्धारित करने वाला सबसे पहला और महत्वपूर्ण कारक परिणाम जारी होने की तिथि है।
• रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया प्रोसेसिंग चल रही है। 15 जनवरी तक रिजल्ट जारी करने की पूरी प्रक्रिया चल रही है।
• हालांकि, वक्ता ने बताया है कि इस प्रक्रिया में 5 से 10 दिन का आगे-पीछे होना संभव है। जहां तक संभव है, 15 जनवरी 2026 तक रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा।
• निर्भरता: यदि रिजल्ट 15 जनवरी तक आ जाता है, तो ही आगे की प्रोसेसिंग समय पर शुरू हो पाएगी।
एक बार परिणाम घोषित हो जाने के बाद, जॉइनिंग देने से पहले एक आंतरिक प्रोसेसिंग और चलती है। इस प्रोसेसिंग की अवधि सीधे जॉइनिंग की समयरेखा को प्रभावित करती है।
• प्रोसेसिंग की समय सीमा: यदि रिजल्ट 15 जनवरी तक आ जाता है, तो यह प्रोसेसिंग फरवरी के एंड तक पूरी हो सकती है, या इसे 15 मार्च तक माना जा सकता है।
• जॉइनिंग का अनुमान: इस प्रोसेसिंग की अवधि के आधार पर ही जॉइनिंग की संभावित तिथि निर्धारित होती है। वक्ता का मानना है कि उम्मीदवारों को अप्रैल में जॉइनिंग मिल सकती है।
समयरेखा को निर्धारित करने वाला एक अन्य कारक सरकारी कामकाज की सामान्य गति और दक्षता है।
• आजकल राजस्थान में काम तेज गति से होने लगे हैं। परीक्षाएँ जल्दी लग रही हैं, सिलेबस जल्दी जारी किया जा रहा है, रिजल्ट जल्दी आ रहा है।
• इसी के मुताबिक जॉइनिंग भी जल्दी दी जा रही है। यह तेज गति समयरेखा को संक्षिप्त करने में मदद करती है।
• जल्दी जॉइनिंग की संभावना: यदि प्रशासनिक प्रोसेसिंग जल्दी हो जाती है, तो उम्मीदवारों को मार्च के एंड में भी जॉइनिंग मिल सकती है।
संक्षेप में,
जॉइनिंग की समयरेखा (जो मार्च के अंत या अप्रैल में होने का अनुमान है) पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करती है कि रिजल्ट 15 जनवरी के लक्ष्य को कितना जल्दी पूरा करता है,
और इसके बाद की आंतरिक प्रोसेसिंग (फरवरी अंत से 15 मार्च तक) कितनी तेजी से निपटाई जाती है।

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