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collection of interesting stories and incidents from the life of veteran actor Dharmendra.

धर्मेंद्र: जीवन के अनसुने किस्से

यह लेख दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के जीवन से जुड़े रोचक किस्सों और घटनाओं का एक संग्रह है। प्रसिद्ध अभिनेता धर्मेंद्र के जीवन, करियर और उनसे जुड़े कई दिलचस्प और यादगार किस्सों का संकलन है।
लेख में धर्मेंद्र के व्यक्तिगत जीवन, जैसे कि अपनी मां के प्रति उनका समर्पण और ऋषिकेश मुखर्जी के साथ उनकी दोस्ती, तथा एक पत्रकार को सरेआम पीटने की घटना का भी उल्लेख है, इसमें बताया गया है कि कैसे एक बार गुस्से में उनकी चलाई असली गोली से अमिताभ बच्चन बाल-बाल बचे थे, और कैसे तनुजा ने उनके फ्लर्ट करने पर उन्हें थप्पड़ मारा था।जो उनके चर्चित अफेयर पर खबरें छाप रहा था।
अंत में, इसमें एक विवादास्पद फिल्म दृश्य और बॉबी देओल के बचपन की सुरक्षा से जुड़े किस्सों के साथ-साथ उनके निधन से संबंधित खबरें भी शामिल हैं।

धर्मेंद्र हिंदी सिनेमा के एक दिग्गज अभिनेता थे, जिन्होंने अपने छह दशकों के करियर में 300 से अधिक फिल्में कीं। उन्हें अक्सर 'मोस्ट हैंडसम' का तमगा मिला और वह एक मध्यम वर्गीय पंजाबी जाट परिवार से आकर बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल करने में कामयाब रहे। सूत्रों में उनके जीवन, करियर और हेमा मालिनी से जुड़े कई यादगार किस्सों का वर्णन किया गया है:

फिल्म 'शोले' (Sholay) से जुड़े किस्से

• अमिताभ बच्चन का बाल-बाल बचना:
1975 में रिलीज़ हुई फिल्म शोले में धर्मेंद्र वीरू और अमिताभ बच्चन जय बने थे। क्लाइमैक्स सीन को वास्तविक दिखाने के लिए निर्देशक रमेश सिप्पी ने बंदूक में असली गोलियों का इस्तेमाल किया था। सीन के दौरान धर्मेंद्र के हाथों से बार-बार गोलियां गिर रही थीं और बार-बार रीटेक हो रहे थे। लगातार रीटेक होने से धर्मेंद्र इतने गुस्से में आ गए कि उन्होंने बंदूक में असली गोलियां भरीं और बंदूक चला दी। गोली अमिताभ बच्चन के कान के पास से होकर गुजरी, जो पहाड़ों में ऊपर खड़े थे, और वह बाल-बाल बच गए। यह किस्सा खुद अमिताभ बच्चन ने कौन बनेगा करोड़पति में सुनाया था।

• वीरू का रोल चुनने की वजह: शुरुआत में धर्मेंद्र शोले में वीरू नहीं, बल्कि गब्बर या ठाकुर का रोल निभाने पर अड़े हुए थे। रमेश सिप्पी ठाकुर के रोल के लिए संजीव कुमार को पहले ही कास्ट कर चुके थे, इसलिए वह कास्टिंग नहीं बदलना चाहते थे। सिप्पी ने धर्मेंद्र को समझाया कि अगर वह वीरू बनेंगे, तो उन्हें बसंती बनीं हेमा मालिनी के साथ रोमांस करने और ज्यादा सीन करने का मौका मिलेगा। हेमा के करीब जाने की बात सुनकर धर्मेंद्र तुरंत वीरू का रोल करने के लिए मान गए।

• स्पॉटबॉय को रिश्वत: धर्मेंद्र हेमा मालिनी को बहुत पसंद करते थे। शोले की शूटिंग के दौरान, खासकर जब वह बसंती को गन चलाना सिखा रहे थे, तब उन्होंने स्पॉटबॉय को बार-बार 'कट' बोलने और रीटेक लेने के लिए कहा। उन्हें हेमा के साथ ज्यादा वक्त मिल सके, इसके लिए धर्मेंद्र ने स्पॉटबॉय को ₹2,000 की रिश्वत भी दी थी। स्पॉटबॉय ने रिश्वत लेकर बार-बार सीन दोहराने में धर्मेंद्र की मदद की।

फिल्म 'शोले' (Sholay) से जुड़े किस्से सह-कलाकारों और दोस्तों से जुड़े किस्से

धर्मेंद्र का रोल और हेमा मालिनी से जुड़ी बातें:

• फिल्म शोले, धर्मेंद्र के 6 दशकों के अभिनय करियर की सबसे कामयाब फिल्मों में से एक रही।
• धर्मेंद्र शुरू में फिल्म में वीरू का नहीं, बल्कि गब्बर का रोल करने पर अड़े थे। वह ठाकुर का रोल निभाने पर भी अड़े हुए थे।
• रमेश सिप्पी ने सीता-गीता बनाते समय ही धर्मेंद्र, हेमा मालिनी और संजीव कुमार के साथ शोले बनाने का मन बना लिया था।
• चूंकि डायरेक्टर रमेश सिप्पी संजीव कुमार को ठाकुर के रोल के लिए कास्ट कर चुके थे, इसलिए वह कास्ट बदलने के पक्ष में नहीं थे।
• डायरेक्टर रमेश सिप्पी ने धर्मेंद्र को वीरू का रोल लेने के लिए मनाया। उन्होंने समझाया कि अगर वह वीरू बनेंगे तो उन्हें बसंती बनीं हेमा मालिनी के साथ रोमांस करने का मौका मिलेगा और ज़्यादा सीन करने को मिलेंगे।
• हेमा के करीब जाने की बात सुनकर धर्मेंद्र वीरू के रोल के लिए मान गए।

क्लाइमैक्स शूटिंग के दौरान हुई घटना:
• 1975 में रिलीज़ हुई इस फिल्म में धर्मेंद्र वीरू और अमिताभ जय बने थे।
• फिल्म के क्लाइमैक्स की शूटिंग के दौरान, अमिताभ बच्चन धर्मेंद्र के हाथों मरने से बाल-बाल बचे थे।
• दरअसल, डायरेक्टर रमेश सिप्पी ने क्लाइमैक्स सीन को वास्तविक (रियल) दिखाने के लिए शूटिंग में बंदूक में असली गोलियों का इस्तेमाल किया था।
• क्लाइमैक्स सीन में धर्मेंद्र को गोलियां और बारूद इकट्ठा कर बंदूक चलानी थी।
• जब एक्शन बोला जाता था, तो धर्मेंद्र के हाथों से बार-बार गोलियां गिर रही थीं, जिससे दो-तीन बार सीन खराब हुआ।
• बार-बार रीटेक होने से धर्मेंद्र इतना गुस्से में आ गए कि उन्होंने असली गोलियां बंदूक में लगाईं और बंदूक चला दी।
• इस सीन में अमिताभ बच्चन पहाड़ों में ऊपर की तरफ खड़े थे।
• गोली उनके कान के पास से होकर गुजरी और वह बाल-बाल बच गए।
• इस किस्से को अमिताभ बच्चन ने 'कौन बनेगा करोड़पति' (KBC) में सुनाया था।

अमिताभ बच्चन की कास्टिंग: • रमेश सिप्पी को दूसरे हीरो (जय) के लिए एक ऐसे एक्टर की तलाश थी, जो ज्यादा पॉपुलर न हो। • तब धर्मेंद्र ने ही अमिताभ बच्चन का नाम सुझाया था।
बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र.
तनुजा से फ्लर्ट और थप्पड़:
फिल्म चांद और सूरज में तनुजा धर्मेंद्र की हीरोइन थीं। तनुजा, धर्मेंद्र की पत्नी प्रकाश कौर और बच्चों को अच्छी तरह से जानती थीं। धर्मेंद्र फ्लर्ट करने में माहिर थे और अक्सर अपनी सह-कलाकारों से मजाक में फ्लर्ट करते थे।
जब धर्मेंद्र ने तनुजा से फ्लर्ट किया, तो वह गुस्से में आ गईं और उन्होंने सरेआम धर्मेंद्र को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। तनुजा ने उनसे कहा कि वह बेशर्म हैं, क्योंकि वह उनकी पत्नी और बच्चों को जानती हैं।
तनुजा का गुस्सा देखकर धर्मेंद्र हैरान रह गए और उन्होंने तुरंत माफ़ी मांगी ("तनुजा मेरी मां, मुझे माफ कर दे")। उनका गुस्सा शांत न होने पर, धर्मेंद्र ने तुरंत काला धागा निकाला और तनुजा से बंधवाकर सेट पर ही उन्हें अपनी बहन बना लिया।

• ऋषिकेश मुखर्जी के साथ 'आनंद' का किस्सा:

साल 1971 में, ऋषिकेश मुखर्जी (ऋषि दा) ने बैंगलोर से बॉम्बे फ्लाइट के दौरान धर्मेंद्र को फिल्म आनंद की कहानी सुनाई। धर्मेंद्र को लगा कि ऋषि दा शायद उन्हें ही फिल्म में लेंगे। जब बाद में अखबार में खबर छपी कि राजेश खन्ना फिल्म के हीरो होंगे, तो धर्मेंद्र ने बहुत शराब पी। देर रात उन्होंने ऋषि दा को कॉल करके शिकायत की, "आप मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकते हैं?" और रात भर उन्हें परेशान करते रहे। हालांकि, इसके बावजूद दोनों की दोस्ती बरकरार रही।

जब ऋषि दा अस्पताल में ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे,

ऑक्सीजन पाइप निकाल दें और उन्हें मुक्ति दे दें (धर्मेंद्र ने ऐसा नहीं किया)। धर्मेंद्र ने ऋषि दा के साथ कई फिल्मों में काम किया, जिनमें यकीन, चुपके-चुपके, गुड्डी, अनुपमा, मंझली दीदी, प्रोफेसर प्यारेलाल, चैताली, प्यार ही प्यार और सत्यकाम शामिल हैं।

निजी और पारिवारिक जीवन के किस्से

• पत्रकारों पर हमला: जब धर्मेंद्र और हेमा मालिनी के अफेयर की खबरें 70 के दशक में सुर्खियों में थीं, तब दो पत्रकार लगातार इस पर खबरें छाप रहे थे। धर्मेंद्र उनसे बहुत नाराज थे। साल 1978 में, बंगाल में तूफान पीड़ितों की मदद के लिए एक रैली में शामिल होने के दौरान, धर्मेंद्र की नज़र भीड़ में खड़े एक पत्रकार पर पड़ी और उन्होंने सरेआम उसकी जमकर पिटाई कर दी।

• मां के पैर दबाने वाला किस्सा: धर्मेंद्र हमेशा सोने से पहले अपनी मां के पैर तब तक दबाते थे, जब तक वह उन्हें रुकने के लिए नहीं कहती थीं। एक रात वह शराब पीकर आए और पैर दबाने लगे। मां की आंख लग गई और उन्होंने रुकने के लिए नहीं कहा, इसलिए धर्मेंद्र रात भर पैर दबाते रहे। जब मां की आंख खुली, तो उन्होंने हैरान होकर कहा, "बेटा, शराब पीकर इतना अच्छा पैर दबाते हो, रोज पिया करो"। यह किस्सा धर्मेंद्र ने खुद सारेगामापा शो में सुनाया था।

• बिमल रॉय के परिवार की मदद: फिल्म डायरेक्टर बिमल रॉय ने धर्मेंद्र को बंदिनी (1963) से बड़ा ब्रेक दिया था। जब बिमल रॉय 1966 में फिल्म चैताली की आधी शूटिंग के दौरान गुजर गए, तो सारा पैसा डूब गया और अन्य एक्टर्स बची हुई फीस लेने के लिए उनके घर पहुंचने लगे, जिससे उनकी पत्नी मनोबिना राय बहुत परेशान थीं। जब धर्मेंद्र बिमल दा के घर पहुंचे, तो मनोबिना को लगा कि वह भी फीस लेने आए हैं। लेकिन धर्मेंद्र ने पैसों से भरा ब्रीफकेस खोल दिया और कहा कि बिमल राय के उन पर बहुत एहसान हैं, और यह उन्हें एहसान चुकाने का मौका मिला है। धर्मेंद्र की इस मदद से ही फिल्म चैताली बन सकी।

• बॉबी देओल पर अत्यधिक सुरक्षा: जब बॉबी देओल छठी क्लास में थे, तब मुंबई में किडनैपर रंगा-बिल्ला का खौफ था। बॉबी के एक क्लासमेट के किडनैप होने की घटना के बाद, पुलिस ने धर्मेंद्र को आगाह किया कि उस बच्चे ने रंगा-बिल्ला को उनके बेटे और स्कूल के कुछ बच्चों की डिटेल दी है। इस डर से धर्मेंद्र ने बॉबी के घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी, जिसके कारण बॉबी ने साइकिल चलाना भी घर के अंदर ही सीखा। समय बीतने के बाद भी धर्मेंद्र इतने प्रोटेक्टिव रहे कि बॉबी को कॉलेज पहुंचने पर भी आसानी से बाहर निकलने की इजाजत नहीं मिलती थी।

• बेटे सनी देओल द्वारा फिल्म का रुकवाया जाना: धर्मेंद्र को कांति लाल शाह की फिल्म आज का गुंडा के लिए साइन किया गया था। डायरेक्टर ने धर्मेंद्र से शर्टलेस घुड़सवारी करवाई, लेकिन बाद में उन्हें बिना बताए उनके बॉडी डबल से रेप सीन शूट करवाया और उसे ऐसे एडिट किया कि लगे जैसे धर्मेंद्र ने खुद वह सीन किया है। जब किसी शख्स ने सनी देओल को बताया कि उनके पिताजी एडल्ट फिल्म में काम कर रहे हैं, तो सनी ने कांति लाल को घर बुलाकर खूब फटकार लगाई और धमकी दी कि अगर उन्होंने वह सीन नहीं हटाया तो लीगल एक्शन लेंगे। खबरों के अनुसार, सनी ने कांति लाल को थप्पड़ भी मारे थे। अंततः कांति लाल ने वह फिल्म कभी रिलीज़ ही नहीं की। ये किस्से धर्मेंद्र के जीवन के विभिन्न पहलुओं—उनके गुस्से, रोमांस, दरियादिली, और अपने परिवार के प्रति अत्यधिक सुरक्षात्मक स्वभाव—को दर्शाते हैं। (यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि सूत्रों में यह भी बताया गया है कि 89 साल की उम्र में दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का निधन हो गया)। शोले फिल्म शूटिंग.

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र, जिन्हें 'मोस्ट हैंडसम' का तमगा मिला था, एक मध्यम वर्गीय पंजाबी जाट परिवार से आकर बॉक्स ऑफिस पर ज़बरदस्त सफलता हासिल करने में कामयाब रहे। सूत्रों के अनुसार, 89 साल की उम्र में उनका निधन हो गया, जिसके बाद विले पार्ले श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उन्होंने अपने छह दशकों के अभिनय करियर में 300 से अधिक फिल्में कीं। सह-कलाकारों और दोस्तों के साथ रिश्ते
• बॉबी देओल की सुरक्षा:
जब बॉबी देओल छठी क्लास में थे, तब मुंबई में रंगा-बिल्ला किडनैपर्स का खौफ था। बॉबी के एक क्लासमेट के किडनैप होने के बाद, पुलिस ने धर्मेंद्र को आगाह किया कि उस बच्चे ने किडनैपर्स को बॉबी और स्कूल के कुछ बच्चों की डिटेल दी है।
इस डर से धर्मेंद्र ने बॉबी के घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी, जिसके कारण बॉबी ने साइकिल चलाना भी घर के अंदर ही सीखा। बॉबी के कॉलेज पहुंचने के बाद भी धर्मेंद्र इतने सुरक्षात्मक रहे कि उन्हें आसानी से बाहर निकलने की इजाजत नहीं मिलती थी।
• सनी देओल द्वारा फिल्म रुकवाना:
धर्मेंद्र को कांति लाल शाह की फिल्म आज का गुंडा के लिए साइन किया गया था। डायरेक्टर ने धर्मेंद्र से शर्टलेस घुड़सवारी करवाई, लेकिन बाद में उन्हें बताए बिना उनके बॉडी डबल से रेप सीन शूट करवाया और उसे इस तरह एडिट किया कि लगे जैसे धर्मेंद्र ने खुद वह सीन किया है।
जब सनी देओल को पता चला कि उनके पिताजी 'एडल्ट फिल्म' में काम कर रहे हैं,
तो उन्होंने कांति लाल को घर बुलाया, उन्हें खूब फटकार लगाई, और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी कि वह वह सीन तुरंत हटा दें। खबरों के अनुसार, सनी ने कांति लाल को कई थप्पड़ भी जड़े थे।
परिणामस्वरूप, कांति लाल ने वह फिल्म कभी रिलीज़ ही नहीं की।
धर्मेंद्र के ये किस्से उनके रोमांटिक स्वभाव, दोस्तों के लिए उनकी निष्ठा, और अपने परिवार के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

1. धर्मेंद्र का स्वभाव और परिचय:
धर्मेंद्र अपनी को-स्टार्स से मस्ती-मजाक में अक्सर फ्लर्ट करने में माहिर थे। तनुजा, धर्मेंद्र की पत्नी प्रकाश कौर और उनके बच्चों को भी अच्छी तरह से जानती थीं। 2. सरेआम थप्पड़:
जब धर्मेंद्र ने तनुजा के साथ फ्लर्ट करना शुरू किया, तो तनुजा को बहुत गुस्सा आ गया। गुस्से में आकर उन्होंने सरेआम धर्मेंद्र को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। 3. तनुजा का जवाब:
थप्पड़ मारने के बाद, तनुजा ने धर्मेंद्र से कहा, "बेशर्म, मैं तुम्हारी पत्नी को जानती हूं और तुम्हारे बच्चे भी हैं, तुम मुझसे फ्लर्ट कर रहे हो"। 4. धर्मेंद्र की प्रतिक्रिया और सुलह:
तनुजा का गुस्सा देखकर धर्मेंद्र हैरान रह गए। उन्होंने तुरंत माफ़ी मांगते हुए कहा, "तनुजा मेरी मां, मुझे माफ कर दे"। जब इतने से भी तनुजा का गुस्सा शांत नहीं हुआ, तो धर्मेंद्र ने तुरंत एक काला धागा निकाला और तनुजा से बंधवाकर सेट पर ही उन्हें अपनी बहन बना लिया। यह किस्सा धर्मेंद्र के चुलबुले स्वभाव, और तनुजा की दृढ़ता को दर्शाता है, जिसके बाद उन्होंने सेट पर ही रिश्ते को बहन-भाई के रूप में बदल दिया।
अफेयर और विवाद
धर्मेंद्र और हेमा मालिनी के अफेयर की खबरें 70 के दशक में सुर्ख़ियों में थीं और चर्चा का विषय रही थीं। इस अफेयर को लेकर धर्मेंद्र बहुत सुरक्षात्मक थे:
• दो पत्रकार लगातार धर्मेंद्र और हेमा के अफेयर पर खबरें छाप रहे थे।
• धर्मेंद्र उन दोनों पत्रकारों से बेहद नाराज़ थे और सही मौके की तलाश में थे।
• साल 1978 में, बंगाल में तूफ़ान पीड़ितों की मदद के लिए एक रैली में शामिल होने के दौरान, धर्मेंद्र की नज़र भीड़ में खड़े उस पत्रकार पर पड़ी।
• धर्मेंद्र ने उस मौके पर सरेआम उस पत्रकार की जमकर पिटाई कर दी।

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